श्रीअरविंद सोसाइटी, राजस्थान
यदि अचंचलता तथा नीरवता पूर्ण रूप से भौतिक में स्थापित हो चुकी है तब यदि निष्क्रियता आती है तब यह अपने आप में स्थिर और अनुत्साही होती है और कोई ऐसी बाधा उपस्थित नहीं करती । परन्तु जड़ता को निर्मूल करने के लिए एक सुदृढ़ गत्यात्मक अचंचलता की आवश्यकता है । - श्रीअरविन्द
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